आंवला काटता है यह सबसे बड़ा रोग और इसके सेवन के बहुत फायदे हैं।


आंवला हजारों औषधीय गुणों से युक्त है। इसका उपयोग बहुत ही फायदेमंद है। और बहुत ही रोगों के इलाज में फायदेमंद है।


इसके गुणों से लोग अनभिज्ञ हैं ।

1 . दस्त - अत्यधिक पतली दस्त और पेट में मरोड होने पर काला नमक और सूखे आंवले का चूर्ण बना लें । और रोगी को आधा चम्मच चूर्ण दिन में तीन बार ठंडे जल के साथ दें ।

2. पथरी - पथरी रोग में आंवला अत्यन्त गणकारी है । जिसे पेट में का शिकायत हो वह आंवले के चूर्ण को मूली के साथ सेवन करें ।

3 . पायरिया - दांतों का क्षय करने वाला पायरिया हो जाने पर मुख से तेज बदबू आती है । श्वासो के साथ इसके वायरस वायुमंडल में उड़ते हैं अत : जिस व्यक्ति को पायरिया हुआ हो उसके मुख के निकट अपना मुख न करें । इस रोग से निजात पाने के लिए आंवले को आग में भूनकर चूर्ण बनाकर सेंधा नमक मिला लें तथा 2 - 3 बूंदे सरसों का तेल मिलाकर नियमित मंजन करें । पायरिया रोग समाप्त हो जायेगा ।

4 . कब्ज -  यदि कब्जियत की शिकायत हैं , खट्टी डकारें आती हैं । तो एक चम्मच पिसा हुआ ऑवला रात को दूध के साथ प्रयोग करें । कब्ज दूर हो जायेगी ।

5 . पीलिया - पीलिया आज के युग में खतरनाक रोग बन चुका है । यदि किसी व्यक्ति को यह रोग हो गया है तो तीन भाग ताजे आंवले के रस में एक भाग शहद मिलाकर सुबह दोपहर और शाम को सेवन करें । शीघ्र ही लाभ होगा ।

5.  बवासीर - बवासीर रोग के लिए आँवला बहत फायदेमंद है । आंवले का चूर्ण दही के साथ इस्तेमाल करें ।

आंवला का उपयोग इनमें भी किया जाता हैं।

पकौड़े के घोल में आंवले के छोटे टुकड़े करके डालें स्वाद - दोगुना होगा ।

 आटे में कद्दूकस किया आंवला , अदरक , लहसुन , नमक , हरी मिर्च , हरा धनिया डालकर पराठे बनाएं । एक गिलास पानी में दो चम्मच आंवले का रस , दो चम्मच शहद डालकर पिएं । शरीर के लिए शक्तिवर्धक टॉनिक है ।

उबले हुए आंवलों की गुठली निकालकर मिक्सर में पीस लें । कड़ाही में शक्कर के साथ पका लें । इसे जैम की तरह उपयोग में लें ।

सौ ग्राम नारियल तेल को कड़ाही में गर्म करें । इसमें सौ ग्राम कद्दूकस किए आंवले डाल दें । पानी सूखने तक पकाएं ठंडा होने पर छान लें । आंवले का तेल तैयार है ।

कद्दूकस किए आंवले में शक्कर मिलाकर कड़ाही में पका लें । स्वादिष्ठ चटनी तैयार है ।

सूखे आंवलों का पाउडर बनाकर रात में गर्म पानी से लें । सुबह पेट साफ़ हो जाएगा ।

हरी सब्जी और दाल में आंवला कद्दूकस करके डालें । स्वाद बढ़ जाएगा ।

ताजे आंवलों को छोटे टुकड़ों में काटकर नमक , काली मिर्च , पिसा जीरा , अजवाइन व शक्कर डालकर 4 - 5 दिन तक धूप में सुखाएं । आंवला सुपारी तैयार है ।


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